नियम
आदमी के बनाए नियम कभी आदमी से बड़े नहीं हो सकते । नियमों का सभी लोग पालन करेंगे, यह अपेक्षा करना मूर्खता है । आदमी ही नियम तोड़ता है,क्योंकि कोई नियम स्वयं जीवन से बड़ा नहीं हो सकता । @मनोज भारती
आध्यात्मिक विषयों पर केंद्रित यह ब्लॉग सत्य,अस्तित्व और वैश्विक सत्ता को समर्पित एक प्रयास है : जीवन को इसके विस्तार में समझना और इसके आनंद को बांटना ही इसका उद्देश्य है। एक सनातन गूंज...जो गूंज रही है अनवरत...उसी गूंज की अनुगूंज यहां प्रतिध्वनित हो रही है...