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अन्ना हजारे होने के मायने

आज देश ने अन्ना हजारे को जितना प्यार और स्नेह दिया है,उतना देश की जनता ने शायद ही किसी ओर को दिया हो।अन्ना में ऐसा क्या है?जो उन्हें हमारे तथाकथित नेताओं से अलग करता है।पिछले बारह दिनों में अन्ना को मैंने जितना सुना,देखा और समझा है; उसके अनुसार अन्ना में अग्रलिखित गुण पाएं हैं: 1 .कथनी और करनी में एकरूपता:: अन्ना हजारे हमारे समय के एक ऐसे युगपुरुष के रूप में उभरे हैं जिनकी कथनी और करनी एक है।वे जो बोले उस पर अडिग रहे।उनके हृदय की सरलता देखते ही बनती है।वे जो बोलते हैं,उसी के अनुरूप उनका कर्म है। दोहरापन या कूटनीति उनमें लेश मात्र भी नहीं है।वे विशुद्ध रूप से खरा सोना हैं।जिन्हें देश की जनता और युवा शक्ति पर पुरा भरोसा है। 2. निरहंकारिता: अन्ना जी में अहंकार और झूठे घमंड का तनिक भी दर्शन नहीं हुआ। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो आंदोलन खड़ा किया,उसमें उनके हृदय की विशालता और इस निरंहकारिता का बहुत बड़ा योग है। देश में पहली बार ऐसा हुआ,जब किसी गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि के व्यक्ति ने देश को अपने साथ जोड़ा और इस पर उन्हें किसी प्रकार का गर्व या अहंकार किंचित भी न छू सका।सचमुच अन्ना एक...