रविवार, 31 अक्तूबर 2010

संग्राम और युद्ध

एक पुराना शब्द है संग्राम । शब्दकोश में इसका अर्थ मिलेगा - युद्ध । लेकिन इसका उत्पत्ति अर्थ है : दो गाँवों की सीमा, दो गाँवों को अलग करने वाली रेखा । यह शब्द युद्ध का पर्यायवाची शायद इसलिए बन गया, क्योंकि जहाँ  सीमा है वहाँ युद्ध भी है । ओशो कहते हैं : "जहाँ सीमा है वहाँ युद्ध भी हैं । जहाँ दो आदमियों के बीच सीमाएँ हैं, वहाँ युद्ध भी है । प्रेम की दुनिया तो उस दिन बन सकेगी, जिस दिन राष्ट्र की कोई सीमाएँ न हों । ...सीमाएँ हैं तो प्रेम की दुनिया नहीँ बन सकती ।"

3 टिप्‍पणियां:

  1. sochane par majboor karta kathan........aise vishv kee to kalpana hee kee ja saktee hai.......kash aisa hota.

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    यदि मनुष्य अपनी सीमाओं में रहे, तो भी युद्ध की गुंजाइश नहीं रहती । संग्राम का कारण , अतिक्रमण है।

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