मंगलवार, 31 अगस्त 2010

स्थिरता और परिवर्तन

स्थिरता का अनुभव किए बगैर परिवर्तन को समझना कठिन है ।-मनोज भारती

7 टिप्‍पणियां:

  1. जीवन का द्वैत बखानती पक्तियां!

    विपरीत की उपस्थिति में चीज़े खिलती हैं.

    विचार जगाने का शुक्रिया !

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  2. आपको जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें.....!!

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  3. आपको एवं आपके परिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें !
    बहुत बढ़िया ! उम्दा प्रस्तुती!

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