बुधवार, 12 जनवरी 2011

शायद है

एक गाँव के एक धनी किसान के पास एक बहुत सुंदर घोड़ा था । एक दिन उसका वह घोड़ा बाड़े की बाड़ तोड़ कर  जंगल में भाग गया । गाँव के जिन लोगों को इस बात का पता चला, उन्होंने किसान के पास आ कर कहा, "आपका घोड़ा भाग गया, बड़े अफसोस की बात है ।" 

"शायद है ।" किसान ने कहा । 

तीन दिन बाद घोड़ा वापस आ गया और साथ में पाँच बेहतरीन ताकतवर जंगली घोड़े भी ले आया । गाँव वालों ने किसान से कहा, "भई वाह! यह तो बड़ी खुशी की बात है ।" 

"शायद है ।" किसान ने कहा । 

कुछ दिन बाद एक जंगली घोड़े को काबू करने की कोशिश में किसान का जवान बेटा अपने हाथ-पाँव जख्मी करवा बैठा । गाँव वाले आकर बोले, "आपका इकलौता जवान बेटा इतना घायल हो गया । आपके तो दिन ही खराब चल रहें हैं । बड़े दुख की बात है ।" 

"शायद है ।" किसान ने कहा । 

अगले दिन राजा के सैनिक गाँव में आए । पड़ोसी देश से बड़ा भारी युद्ध छिड़ गया था । रोज  सैकड़ों लोग मारे जा रहे थे । सेना कम हो रही थी । इसलिए राज्य के सभी जवान लोगों को सेना में भर्ती होना अनिवार्य कर दिया गया था । गाँव के सभी जवानों को सैनिक साथ ले गए । किसान के बेटे के हाथ-पाँव टूटे होने के कारण वे उसे वहीं छोड़ गए । गाँव के लोगों ने किसान से कहा, "हमारे बेटे तो फौज में चले गए । पता नहीं जिंदा लौटेंगे या नहीं । तुम्हारा बेटा बच गया । खुशकिस्मती है तुम्हारी !" 

"शायद है ।" किसान ने कहा ।

4 टिप्‍पणियां:

  1. Achcha ya bura Jo bhi ho usase vichalit nahi hona jeevan ki pratibaddhata bana Len to dukh se chutkara mil sakata hai!
    Katha achchi Sikh deti hai !
    -Gyanchand Marmagya

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  2. आपने मेरी बहुत पुरानी पोस्ट याद दिला दी... ख़ैर जीवन का एक बहुत बड़ा सचदर्शाती यह कथा.. शायद है!

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