रविवार, 9 अगस्त 2009

जीवन क्या है ?

जीवन क्या है ?
सुख दुख की छाया
या प्रेम,ध्यान का उत्सव
जिसे जीना है हर हाल में

जीवन क्या है ?
दिन और रात का एक क्रम
जिसमें हैं दिन के उजाले और रातों के अंधेरे
जिसे काटना है किसी तरह

जीवन क्या है ?
अस्तित्व की एक यात्रा
जिसमें वह फिर-फिर जन्मता है
और नए रहस्यों के द्वार खोलता है
और एक नई जीवन यात्रा की सांसे फूंकता है

जीवन क्या है ?
अतीत और भविष्य में
त्रिशंकु की तरह लटकी आशाएं
जिनमें पेंडुलम की तरह डोलता यह जीवन
क्या यह यूं ही डोलता रहेगा अनंत जन्मों तक ?

या कहीं लेगा विराम
जहां होगा समाधान
इन सब द्वैतों का
क्या जीवन का हर क्षण
अवसर नहीं
उस सत्य को पहचानने का
जहां अद्वैत घट रहा प्रति क्षण ।

2 टिप्‍पणियां:

  1. जीवन क्या है ?
    सुख दुख की छाया
    या प्रेम,ध्यान का उत्सव
    जिसे जीना है हर हाल में

    जीवन क्या है ?
    दिन और रात का एक क्रम
    जिसमें हैं दिन के उजाले और रातों के अंधेरे
    जिसे काटना है किसी तरह

    जीवन की परिभाषा कई प्रकार की
    बहुत अच्छी लगी :
    कुछ ऐसी जिन्हें हम बिना लाग-लपेट स्वीकार कर सकते हैं क्योंकि हर दिन हम इसे जी रहे हैं...
    जीवन का हर क्षण अवसर भी है और चमत्कार भी.....इसका मर्म मुझे मिल जाए तो मैं बुद्ध न बन जाऊं !!
    बाकी....... शायद....की खूंटी में टंगी हुई हैं...
    लेकिन कविता. ... भाषा की समृद्धि और प्रबुद्ध शैली दर्शाती हैं..

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  2. धन्यवाद !!!
    आप बुद्ध ही हैं
    क्योंकि आप ने अवसर में चमत्कार देखा है
    आप ने अतीत और भविष्य के परे
    शुद्ध वर्तमान को जिया है
    आप बुद्ध ही हैं ।।।

    उत्तर देंहटाएं